Khabari ka Khulasa !..with Nidhi Raajdhaan

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नमस्कार !

इंडिया टीवी की ओर से, हर वीक, हर शाम को, ठीक आठ बजे दिखाई देने वाले, “टीवी ९” से प्रसारित येह न्यूज़ कार्य-क्रम में, मैं निधि राजधान की और से, हमारे सुनने वाले सभी श्रोता-गन का स्वागत है,.. बहोत बहोत धन्यवाद और काफी आभारी है हम, आप दर्शको का . . खबरी के खुलासा में, आज ब्रेकिंग न्यूज़ के रूप में बताने जाने वाली मुख्या और महत्व-पूर्ण घटना येह रही है की,….. “लोगों को जबर-दस्ती से, बहला-पटा कर, समज़ा-पटा कर, फुसला कर, पुरानी दन्त-कथा की कोई,.. “अ फॉक्स विथ अ कट टेयिल ” — मेरी पूंछ जो कट गयी,.. तोह आप भी कटवा लो — वार्ना पूंछ के होने का, येह येह इतने ढेर सारे, गैर-फायदे है– भारत वापिस बेहजने वाले एक इंटरनेट ग्रुप ने आज, अपने एक काफी महत्तम प्रतिस्थापित, काफी पुराने, स्टेबल और अंडरस्टेंडिंग, बंगाली महोदय सदस्य, महेरबान,.. जो की दोरे पे, चक्रान-बाबू से माने जाने वाले थे,.. एक काफी मानी-जानी हस्ती को आज, रंग-भेद की बहोत ही घटिया मुठ-भेद में, कुछ तामिल वासी ओ ने भारी निर्लज्जता पूर्वक, अपमानित कर के, ना-समज़ जाहिर कर के, कुछ मच्छी-मार्किट की ना बोलने वाली गूंगी फिश का उदहारण प्रस्तुत कर,
बोलने के, अधिकार को छीन ले कर, आखिर, महोदय श्रीमान बंगाली चकरण बाबू को दौरे से, उथला कर, रद्द-बातल कर दिया गया है. ऐसा कहा जाता है की, उन्हें चार मॉस के लिए पाणिचू दिया गया है ! कुछ सूत्रों का येह भी तोह कहना है की ऊँ को फ़साने की साज़िश कर, एक काफी गहरी चाल और जाल में उन्हें जान-बुज़ कर फंसाया गया है..

चक्रान बाबू, जो की पिछले १७ बरस से भी अधिक , याने की ब्लॉग- सिफ़ी के ज़माने से, डोरे पर रहे है, और घास-पूस, लोकी की सब्ज़ी, टेक्सास की ज़मीन और सब्ज़ी-तरकारी, फूल-पौधे, बर्डज़ और नेचर, निकोन फोटोग्राफी, बर्ड्स के क्लोस केप्शनद फोटोग्राफ्स, और कई ढेर सारे डोरे में ऊन का प्रतिपादन काफी महत्व-पूर्ण रहा ही है. आज यूँ अचनक उन्हें फोरम्स से बिना क्रेडिट, भारी आप-मान के साथ धक्का दे जो निकला गया था,.. ईसि घटा से , अन्य सभ्यों के मन में आज भारी शंका-कु शंका और हालांकि भारी लाग्नि जागृत हुयी है . प्रधान-मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज इसी विसय् पर भारी गंभीर चर्चा-विचारणा करते हुए, चिन्नई के सी एम जय ललिता से वाट-चिट करते हुए, इसी मामले पे भारी खेद, ग्लानि और रंज प्रकट किया है. शिकवा करते हुए, उनका कहना है की,
रंग-भेद और पूरब-पछिम वासी की इसी नीति पर एक मीटिंग फ़ौरन बुल वा कर फिर से चर्चा-विचारणा की जायेगी , कड़ी से कड़ी जान-भीज़ की जायेगी…और तामिल टाईगर्स की इसी रंग-भेद के वळण और चलन पर उन्हों ने सरेआम कड़क शब्दों में भारी निंदा करते हुए,.. उसे एक कावार्डली एक्ट बताया गया है… है, भारी और कड़क शब्दों में कड़ी से कड़ी निंदा कर , उन्हों ने फोरम के सभी आयोजन करता ओ को निंदनीय जाहिर किया है.

सूत्रों का ऐसा भी मानना है की पुराने मरीज़ जो की “जय विनायक ” से जाने जाते थे, वे आज सायकिअॅट्रिक सारवार से ठीक हो कर, एके नए अवतार में, ” नए-देसी” का निक लिए, फोरम को गुमराह कर, एक नयी स्टोरी ले कर मौजूद हुए है, और इस बार वह रोकुस और गुन लोग की स्टोरी के बजाय, ” बीवी kisi के साथ सो के आई है “, विसय पर , जिसे नेट की भासा में ट्रोल और स्पैम भी कहा जाता है.. ऐसे संवेदनाशील विसय से, आकर्षण का केंद्र बन, पिछले १० मॉस से , डोरे पे कब्ज़ा जमाये, रोते-ककलते, कांपते, और आश्वाशन प्राप्त करते हुए, ऊनन्हों ने अपना बल्ला विकेट पर अभी तक, कायम, जमाये रखा है ! बंगाली बाबू जो की इस शक्श के पास वाली बिल्डिंग में रहते थे, तोह जाहिर सी बात है की, सब भांडा और पोल खुल जाने पर, जय विनायक खफा हो गए थे…. कुछ तामिल के साथ बनायी गयी ट्रैप में, बंगाली बाबू आज पूरी तरह फंसे थे. हमारे एक प्रवक्ता गण का ऐसा भी तोह मानना है की, फोरम की मंद परिस्थिति में, खुद फोरम के चालक, संस्थापक और आयोजन-करता, ऐसी हाइप और वाहियारटी चीज़ों को वेग दे कर, डोरे को प्रोत्साहित कर, सभ्यो का जुस्सा और रस टिका रखने के वास्ते ही, राज-नीति का उपयोग कर, बड़ी बेवजूद, न-कामियाब और घटिया और शर्म-जनक किसम की निंदनीय कोशिश कर रहे है. देखना येह है की, फोरम के किसी भी माई के लाल, या भड़-वीर ने चक्रान बाबू के फेवर में कोई भी समर्थन या टेका, ना देते हुए, किसी कायर , ना-मर्द , इम्पोटेंट याने की, व्युँधल वर्तणूक का एक बार फिर से, पोज़ और प्रदर्शन दिया है. येह वह ही स्पाइन-लेस्स ग्रुप है जहाँ से कुछ मॉस पहले, अग्रिम सदस्य जैसे की बोबस सर, मोमेंटो विवेरे देवी, और ऐसे कई ओ को, आधी रात में, भर-बाजार में, कला बुरखा पहना कर,..पानी-चु दिया गया था, और kisi ने भी आयोजन कार को निंदा या अवहेलना कर जवाब मांगने के बजाय, हा हा ही ही कर, व्यंधल वर्ग का कोई आबे-हुब परिचय दिया था, और ताबोटे लगाए थे. हमारे पत्रकार की नज़र से येह किसी भी एंगल से, किसी एड्यूकेटेड दौरे के लछन, नहीं थे.

प्रधान मंत्री का येह भी तोह कहना है की, अगर लोक शाही में, बोलने, चालने और व्यक्तिगत विचारो को एक्सप्रेस कर ने पर जो शंका, लघु-शका और नस-बंधी की जायेगी, तोह, सरमुखत्यार हिटलर , मुसलिनी और स्टार्लिन राज और इसी सोफिस्टिकेटेड सो कोल्ड, लुंगी-मदन तामील टाइगर्स में, कोई भी फर्क ना रहने पायेगा.

प्रधान मंत्री ने, जय ललिलता से इसी मामले में दुबारा छान-विज़ कर, दर-खास्त रख, इस मामले को फिर से मूल्यांकन करवाने का वचह्न लिया है, और रंग-भेद की नीति और आधे गिलास रोज़-मिल्क या फिर सर्वाना भवन के दोंसाई पर चालने वाली , येह रंग-भेद की नीति वाली, तामिल ट्राईन का विरोध और निरोध किया है. कहा जाता यही की, मोदी जी , इसी सील-सिले में रजनी सर से भी मिल-कर , मिले-जुले हुए लुंगी-मदन को सर-बाजार नंगा कर, मुछ-मुंडी, कोयले का काला चहेरा कर, भर बाजार अवली मुंडी, डोंकी पे बिठा कर, सारे शहर में यात्रा कीये जाने के काबिल माने जाएंगे… मोदी जी का कहना हें की, रंग-भेद की नीति को
या तामिल टाईगर्स की जो-हकमी को, वे कोई भी किम्मत पर सहने को तैयार नहीं है.
प्रधान मंत्री ने आम-जनता को भी चक्रान-बाबू के साथ रह, इस सारी घटना का पूरा विरोध करने की
मांग प्रकट की है.

इसी के साथ हमारे आज के समाचार समाप्त हुए, इज़ाज़त चाहते है… अगले हप्ते फिर मिलेंगे,.. तब तक जुड़े रहिये,..टीवी ९ से,..
इंडिया टीवी, निधि राजधान की और से,.. शब्बा खैर, और शुभ रात्रि.

 

 

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  1. Pingback: Chakraan Babu se Ban hatavo ! | prakashjani

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